जादुई बाल और सुनेहरा पक्षी
एक राज्य में, एक बहुत सुंदर राजकुमारी रहती थी। उसके दयालु स्वभाव से खुश हो कर लाल पारी ने उसे वरदान दिया की उसके बाल बहुत लम्बे और लाल रंग के होंगे और परी का पालतू सुनेहरा पक्षी रोज़ उसके पास आयेगा, और राज्य के लोगो के लिए जादुई धुन सुनाएगा ,और राजकुमारी के अच्छे कर्मो के फल स्वरूप उसके बालो से प्रेम की लाल रौशनी आएगी , जिस से सब को शांति की नींद आएगी , और इसके कारण राज्य की प्रगति होगी, और प्रेम बढ़ेगा. राजकुमारी को गुलाब के फूलो से बहुत प्यार था , जिसके कारण सब उसे गुलाबी राजकुमारी कहते थे ।राजकुमारी गुलाबी रोज़ शाम को महल की छत पर जाती , और ज़ोर की ताली बजाती ,जिसे सुन कर महल की छत पर पारी का सुनहरे रंग का बहुत ही खूबसूरत पक्षी उड़ता हुआ आता , और उसके कंधे पर आ बैठता । और राजकुमारी के बाल चमकदार प्रेम की लाल रौशनी से चमकने लगते ।फिर वह पक्षी जादुई धुन निकलता और राजकुमारी उस धुन पर सुरीला गीत जाती ,जिसे सुनते ही राज्य के सभी लोग मीठे मीठे सपनो में खो जाते ,पूरी रात वे मीठे -मीठे सपने देखते और सुबह ख़ुशी और उत्साह से काम करते। इसी तरह कई वर्ष बीत गए ,राजकुमारी अपने देश के वासियो को सुलाने के लिए , रोज़ ही उस पक्षी की धुन पर गाना गाती और लोग मीठी नींद सोते। इसी तरह कई वर्ष बीत गए राज्य में सभी सुखी और प्रसन्न रहते थे ,इसीलिए राज्य में धन धान्य की प्रगति भी होती जा रही थी। राज्य की सीमा के बाहर एक दुष्ट जादूगरनी रहती थी ,जो राज्य के लोगो के सुख शांति से रहने सेबहुत परेशां थी ,सो उसने गुलाबी राजकुमारी के ऊपर जादू कर दिया।जादूगरनी :"होइ गिल गिल बे बा बू गुलाबी राजकुमारी के बाल काले कर तू "राजकुमारी के बालो का रंग तुरंत ही लाल से काला हो गया ,राजकुमारी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वह अब क्या करे ,इतनी देर में शाम हो गयी ,और राजकुमारी फिर से छत पर जा के ताली बजाने लगी ,सुनहरा खूबसूरत पक्षी फिर रोज़ की तरह आ कर गुलाबी राजकुमारी के कंधे पर बैठ , जादुई धुन सुनाने लगा और राजकुमारी के बालो से लाल के बदले बुराई की काली रौशनी निकलने लगी ,राजकुमारी ने उदास हो कर फिर गीत गया ,सब लोग सो गए पर आज सभी ने पूरी रात बुरे बुरे सपने देखे। और दुःख और उदासी से काम ना कर सके. . गुलाबी राजकुमारी बहुत दुखी हुयी अगले दिन शाम को जब फिर सुनेहरा पक्षी आया तो उसने पूछा : हे सुनहरे सूरज के सामान दिव्य पक्षी! क्या मेरे बाल फिर से पहले की तरह नहीं हो सकते, क्या मेरे राज्य के लोग फिर पहले की तरह नहीं सो सकते ?जवाब में पक्षी ने कहा: "गुलाबी राजकुमारी गुलाब में डूब जाओ ,"और उड़ गया। राजकुमारी को कुछ भी समझ में नहीं आया फिर भी उसने एक बड़े टब में पानी भरवाया और उसमे गुलाब की पत्तियाँ डलवा दी और खुद उसमे जा कर बैठ गयी और अपने बालो को उसी पानी से धो भी लिया ,टब का सारा पानी काला हो गया और राजकुमारी के बाल फिर से पहले की तरह लाल हो गए . अगली शाम फिर वो पक्षी आया और राजकुमारी के कंधे पर बैठ कर जादुई धुनसुनाने लगा राजकुमारी के बाल पहले की तरह लाल रौशनी से चमक रहे थे ,राजकुमारी ने गण गया औरलोग चैन की नींद सो गए जैसे ही उस जादूगरनी को ये बात पता चली उसे बहुत गुस्सा उसने फिर जादू किया और बोली :जादूगरनी :"होइ गिल गिल बे बा बू गुलाबी राजकुमारी के बाल काले कर तू "और फिर जादूगरनी ने राज्य में जितने भी गुलाब थे उन्हें अपने जादू से गायब कर दिया इधर जादूगरनी के जादू करते ही , बेचारी गुलाब राजकुमारी के बाल फिर से काले हो गए "और उदास राजकुमारी ने फिर शाम को सुनहरे पक्षी से फिर इस जादू का तोड़ पूछा उसने फिर वो ही कहा पक्षी ने कहा: "गुलाबी राजकुमारी गुलाब में डूब जाओ ,और उड़ गया और उड़ गया। "राजकुमारी अब बहुत निराश हो गयी क्यूंकि जादूगरनी ने, राज्य के सारे गुलाबो को कही गायब कर दिया था ,राजकुमारी फुट -फुट कर रोने लगी ,उसकी आँखों से जैसे ही आंसू नीचे गिरा , वैसे ही महल की छत के नीचे एक खूबसूरत राजकुमार आ कर रुका और बोला :" प्यारी गुलाबी तुम अपने आंसुओ को बर्बाद मत करना ,क्यूंकि ये ही तुम्हे जादूगरनी के शाप से मुक्ति दिलाएंगे। "उसने अपनी जेब से एक छोटी सी डिबिया निकाली और खोली ,उसमे एक लंबा सा लाल बाल था ,राजकुमार ने जमीन पर गिरा राजकुमारी का आंसू उठा के बाल पर रख दिया ,और तुरंत ही एकचमत्कार हुआ ,राजकुमारी का बाल खुद ही एक गुलाब में बदल गया राजकुमारी बहुत खुश हुयी। उसने ने तुरंत ही उस गुलाब की पत्तियों को पानी में डाल कर अपने बालो को धो लिया ,और बाल फिर पहले जैसे हो गए। सब राजकुमार को हैरानी से देखने लगे ,तब राजकुमार ने बताया की वो राजकुमारी के बचपन का साथी है और जब वह राज्य छोड़ कर जा रहा था तो उसने राजकुमारी से उसका एक बाल मांग कर निशानी के तौर पर साथ रख लिया था ,राजकुमारी को भी अपना वो प्यारा दोस्त याद आ गया ,राजा ने खुश हो कर गुलाबी राजकुमारी और राजकुमार का विवाह करवा दिया। इस खबर से हर कोई खुश हो गया। और इस विवाह में सुनहरे पक्षी ने फिर एक नई धुन सुनाई दूसरी तरफ यह जानने के बाद कि उसका शाप फिर से टूट गया है, दुष्ट जादूगरनी को इतना क्रोध आया की उसका सर हज़ारो एक हजार छोटे टुकड़ों में फट गया। गुलाब के फूल एक बार फिर राज्य के हर बगीचे में उग आये इसके बाद हमेशा की तरह राजकुमारी सुनहरे पक्षी के साथ गीत गए कर लोगो को सुलाती रही और राज्य उनत्ति करता रहा।
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