नन्ही भेड़ की जीत
नमस्ते मेरे प्यारे नन्हे मुन्नो कहानियो की दुनिया में तुम सबका स्वागत चलो आज तुम्हे ले चलती हूँ मीनू भेड़ और शेर का उपहार की महफ़िल में ,बात है तो बड़ी अजीब पर बड़ी मज़ेदार, चलो तो फिर शुरू करते है
एक जंगल में शेर का राज था ,उसे जंगल में तरह तरह की प्रतियोगिताये करवाने का बहुत शौक था ,आज उसने जंगल में नाच गाने प्रतियोगिता रखी थी ,सभी जानवर बहुत उत्साहित थे ,और अपनी - अपनी प्रस्तुति का मन लगा कर अभ्यास कर रहे थे ,शेर राजा ने पास के जंगल से नदी की राजा मगरमच्छ राज़ को मुख्य अतिथि की रूप में बुलाया था,कई गुप्त उपहार भी मिलने वाले थे.
आखिर समय आ ही गया और सभी लोग नाच के लिए बनाये गए मंच के चारो ओर इकटठे हो गए ,
शेर ने मंच पर आ कर कहा (lion voice)
"प्यारे मित्रो ,बहुत इंतज़ार के बाद अब ये समय आ पंहुचा है ,आप सभी अपनी प्रतिभाओ की परीक्षा देने को त्यार हो जाए ,एक के बाद एक सभी अपनी खूबियों की प्रस्तुति करेंगे और दूर जंगल से आये राजा मगरमच्छ राज़ ये निश्चित करेंगे की जंगल में सर्वश्रेष्ठ का उपहार किसे मिले "
सभी ने तालिया बजायी और प्रतियोगिता शुरू हो गयी।
पहले आया बंदर और उसने तरह तरह की कलाबाज़ियां दिखाई और लोगो को मूमफली खाने के फायदे बताये और एक कविता सुना के चला गया ,सब खूब हसे और तालिया बजायी।
अब हाथी आया और बोला (elephant voice)
दोस्तों मैं आपको cat walk कर के दिखाऊंगा ,और अपनी मोटी कमर के साथ ठुमक ठुमक कर चलने लगा सब खूब हसे और तालिया बजायी।
फिर उसने अपनी सूंड में पानी भर कर मगरमच्छ का अभिवादन किया
इसी तरह हरी तोते ने गाना सुनाया (parrot voice)
"स्गवात है मेहमान प्यारे हमारे ,खाके देखो मिर्ची और कभी मीठे पारे
अभिवादन करते है हम सब तोते तुम्हारे "
खूब तालिया बजी मगरमच्छ ने भी खूब ताली बजायी अब आया नाच का समय बिल्ली ,गाय ,बकरी और भेड़ इस प्रतियोगिता की प्रमुख भागिदार थी
पहले आयी बिल्ली और घमंड से गाने लगी (cat voice):
"म्याऊ म्याऊ कमर हिलाऊ
मैं हूँ सबसे बड़ी नर्तकी तुम सबको समझाऊ "
गाने पर खूब डांस किया पर अचानक पैर मुड़ जाने के कारण गिर पड़ी ,और प्रतियोगिता से बाहर हो गयी।
फिर आयी गाय (cow voice)
"सबको स्वस्थ बनाती हूँ ,हरी घास मैं खाती हूँ ,
इतना ही अरमान मेरा ,सबके प्यार की प्यासी हूँ ,
मैं हूँ प्रबल नर्तकी इस इनाम की जिज्ञासी हूँ "
गाने पर इतरा इतरा के डांस किया पर कुछ ही मिनट में थक कर स्टेज पर ही बैठ गयी
अब आयी बकरी की बारी (goat voice)
"मैं मई मई मई ये है मेरा गीत ,हरी घास से मेरी प्रीत
मुझको काट के खाना ना जीवन मेरा है सपना
ये इनाम सिर्फ है मेरा ,ये इनाम ही मेरा मीत "
ये गाना गाते हुए जैसे ही नाचने को कदम उठाया मगरमच्छ की लालच से भरी नज़र देख कर तुरंत वह से भाग गयी।
अब बची हमारी प्यारी सी नन्ही सी भेड़ जिसे नाचना नहीं आता था ,पर मन में ढेरो उमंग लिए स्टेज पर आ गयी ,चारो तरफ खतरनाक जानवर उसे देख रहे थे ,पर वो घबराई नहीं और उसने गाना शुरू किया
(sheep voice )
"मैं नन्ही सी ,मैं छोटी सी पर मैं हूँ ,धनवान बड़ी
हिम्मत पे बहुत नाज़ है ,दिल से हूँ बलवान बड़ी
आज ठुमक के नाच रही ना समझो हूँ नादान बड़ी
मैं जीतू या तुम जीतो मुझको सबकी जीत बड़ी "
और धीरे धीरे दो पैरो पर खड़े हो कर सभी को नमस्कार कर के चली गयी ,
बहुत देर तक तालिया बजती रही
और मगरमच्छ ने भेड़ के डांस को सर्वसमत्ति से सर्वश्रेस्ठ नर्तकी का पुरस्कार दिया ,और बाकी सभी को तरह तरह की पुरस्कार दिए। सभी के दिल में नन्ही भेड़ के लिए प्यार और इज़्ज़त बढ़ गये।
तो प्यारे बच्चो अगर हम किसी प्रकार की भी परिस्थिति में अपनी सहजता और उदारता नहीं छोड़ते और हिम्मत से काम कर सब के मंगल की कामना करते है तो ,हमेशा ही हमको सबका प्यार मिलता। इसलिए हमे अपने साथ सभी के भले के बारे में सोचना चाहिए।
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