Tuesday, 7 July 2020



जादूई घोडा  और राजकुमारी 

एक समय  की बात है ,एक नगर में एक राजा रहा करता था वह अपनी पत्नी को बहुत प्यार करता था ,किन्तु कुछ समय बाद रानी ने एक राजकुमारी को जन्म दिया और बच्चे को जन्म देते समय रानी की मृत्यु हो गयी ,
अब राजा राजकुमार के साथ अकेला रह गया वो राजकुमारी को बहुत प्यार करता ,पुरे दिन उसका ध्यान रखता ,पर राज काज के कामो में कई बार वो राजकुमारी का ध्यान नहीं रख पाता ,.सो ना चाहते हुए भी उन्होंने ने दूसरा विवाह करने का निर्णय लिया ,और शीघ्र ही एक विधवा जिसकी एक बेटी थी से विवाह कर लिया और राजकुमारी की दूसरी माँ के रूप में महल में ले आये ,.
 राजकुमारी बहुत ही रूपवान थी ,और सभी की लाड़ली भी थी इसलिए राजा से ले के प्रजा तक राजकुमारी को बहुत प्यार करते पर दूसरी रानी और उसकी बेटी को ये एक आँख नहीं भाता ,पर राजा के कारण वो राजकुमारी को कोई नुक्सान नहीं पंहुचा पाते।
एक बार राजा को एक युद्ध के सिलसिले में नगर से बहार जाना पड़ा ,और राजा के शहर छोड़ते ही दूसरी रानी और उसकी बेटी ने राजकुमारी को एक कमरे में बंद कर दिया और उसे खाना पीना देना सब बंद कर दिया ,और कुछ दिनों के बाद राजकुमारी को राजा के पशुओ को घास चराने के काम पर लगा दिया ,बेचारी नाज़ुक सी राजकुमारी रोज़ घनी धूप में पशुओ को ले घास चराने ले जाती और रात गए वापस आती ,खाने के नाम पर भी उसे कुछ नहीं दिया जाता ,रराजकुमारी पशुओ की देखभाल मन लगा कर करती और पूरे समय रोती  रहती ,
पशुओ के इस झुण्ड में एक बैगनी रंग का घोडा भी था ,जो रोज़ राजकुमारी को रोते  देखता ,और दुखी हो जाता ,
एक दिन जब राजकुमारी रो रही थी तो घोडा राजकुमारी के पास आया और बोला  प्यारी राजकुमारी आखिर तुम क्यों रो रही हो?तुम्हे अपनी दूसरी माँ के बारे में सोच कर दुखी नहीं होना चाहिए ,पर अगर तुम भूख के कारन रो रही हो तो प्रिय राजकुमारी मेरे गर्दन के बालो में एक बाल तोड़ कर जमीन पर रखो और जो चाहो खाने को मांगो तुम्हे सब मिलेगा  ,भूखी और कमज़ोर राजकुमारी ने ऐसा ही किया और बाल जमीन पर रखते ही चारो तरफ तरह  तरह के खाने की चीज़े आ गयी , और राजकुमारी ने पेट भर खाना खाया रोज़ भर पेट खाना मिलने के कारण राजकुमारी फिर से बहुत खूबसूरत और कोमल हो गयी ,दूसरी रानी को बड़ी हैरानी हुयी जब  उसने देखा की राजकुमारी बिना भरपेट भोजन के भी इतनी सुंदर और स्वस्थ कैसे हो रही है,उसने अपनी एक सेविका को राजकुमारी के पीछे भेज दिया ,और सेविका ने सारी बात दूसरी रानी को बता दी ,कुछ दिनों में राजा वापस आ गया सब बहुत खुश हुए पर दूसरी रानी वह नहीं आयी ,उसने राज वैध को धमका कर कहा की तुम राजा को कहो की बैगनी रंग के घोड़े का मांस खाने से ही मेरी बिमारी दूर होगी वरना मैं  मर जाउंगी ,राज वैध ने ऐसा ही किया
 राजकुमारी ने ये साड़ी बात सुन ली और बैगनी घोड़े को ये सारी  बात बता दी,और कहा मैं जानती हूँ एक न एक दिन दूसरी रानी मुझे भी मार देगी तुम्हे मेरा बहुत साथ दिया है ,मैं  तुम्हारे साथ ये राज्य छोड़ देना चाहती हूँ और बैगनी घोड़े की पीठ पर बैठ कर वहा से चली गयी।
बैगनी घोडा राजकुमारी को ले जंगल की तरफ भागता चला गया ,एक शेर ने राजकुमारी पर हमला कर दिया ,पर घोड़े ने जम कर मुक़ाबला किया और राजकुमारी को बचा लिया ,घोडा बहुत घायल हो गया था सो राजकुमारी ने उसकी बहुत सेवा की राजकुमारी की कड़ी सेवा ,और घोड़े का राजकुमारी के लिए जान की बाज़ी लगा देना ,एक परी देखा करती थी ,उसने घोड़े को पहचान लिया  वो परी देश का राजकुमार था ,जो वहां  की रानी के  शाप से घोडा बन  गया था,इसलिए उसे वापस  एक खूबसूरत राजकुमार में बदल दिया ,और राजकुमारी और उस राजकुमार का विवाह कर दिया।
राजकुमारी वापस अपने महल गयी तो देखा की दूसरी रानी ने राजा को कैद कर लिया था ,सो राजकुमारी ने सारी  प्रजा और राजकुमार के साथ मिल कर महल पर हमला कर दिया और राजा को बचा लिया और दूसरी रानी और उसकी बेटी को क़ैद कर लिया ,और सब आराम से रहने लगे।



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