Tuesday, 7 July 2020

जादुई नागिन का शाप

जादुई नागिन का शाप 
मनीषा और मालिनी बहुत ही पक्की सहेलिया थी, एक बार  उनके गाँव में बहुत वर्षा हुयी पुरे गाँव में वर्षा के कारण तबाही आ गयी, जहा देखो पानी ही पानी ,दोनों के परिवार पूरी तरह से तबाह हो गए ,बची तो बस ये दोनों सखिया ,दोनों पानी के तेज़ बहाव से खुद को बचने के लिए भूखी प्यासी एक ऊँचे पेड़ पर शरण लिए हुए थी ,पेड़ पर लगे फल उनका ही नहीं बल्कि पेड़ पर आश्रय लिए हुए और भी पशु पक्षियों के पेट भरने का सहारा थे.
 दो राते ऐसे ही बीत गयी थी वर्षा थी की रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी दोनों सखियो की आँखों में नींद ना थी ,तभी मनीषा को पेड़ पर एक सांप चढ़ता हुआ दिखाई दिया ,
सांप के शरीर से इंदरधनुषी प्रकाश निकल रहा था  और सांप बहुत ही निर्बल सा लग रहा था ,इससे पहले की वो उस सांप को वहाँ से भगाने का प्रयत्न  करती ,सांप एक खूबसूरत लड़की में परिवर्तित हो गया ,
और हाथ जोड़ कर मालिनी और मनीषा से बोला : प्यारी बहनो तुम मुझसे ज़रा भी ना डरो मैं एक इच्छाधारी नागिन हूँ अधिक वर्षा के होने के कारण  अब मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है ,वर्षा के रुकते ही मैं खुद यहाँ से चली जाउंगी ,और मेरा वादा है मैं किसी को भी कुछ नुक्सान नहीं पहुचाउंगी"
 मनीषा और मालिनी को उसकी दुर्बल आवाज़ देख कर उस पर बहुत दया आयी ,और उन्होंने उसे भीअपने पास ही जगह दे दी। धीरे धीरे सुबह हो गयी और वर्षा की रफ़्तार भी कम हो गयी ,अचनाक मालिनी का पैर  फिसला और वह सीधा पानी  तेज़ बहाव में गिर कर बहने लगी
मनीषा मदद के लिए चिल्लाने लगी:"बचाओ बचाओ"
दूर दूर तक कोई ना था की ,वह इच्छाधारी रूपी लड़की नागिन तुरंत पानी में कूद पड़ी और मालिनी को सुरक्षित बचा कर ले आयी ,पर कमज़ोरी के कारण बेहोश हो गयी ,
वर्षा रुक चुकी थी और पानी भी धीरे धीरे कम हो रहा था सो मालिनी और  मनीषा उस  नागिन रूपी लड़की को उठा कर अपने घर ले आयी और उसकी बहुत सेवा की
होश में आने के बाद कंमज़ोर नागिन ने कहा : " बहनो अभी भी मेरे लिए पानी बहुत है ,अगर आपको कष्ट ना हो तो कुछ रोज़ मैं  यहाँ रह जाऊ "
मालिनी और मनीषा मान गयी ,रात होते ही लड़की फिर नागिन के रूप में बदल गयी और उसने अपने मुँह  से एक जादुई मणि निकाली ,मणि से चमक दार प्रकाश  निकल रहा था , नहीं ने मणि से शक्ति की प्रार्थना की और उसकी शक्ति तुरंत वापस आ गयी खाने की प्रार्थना की तो खाना आ गया फिर उसने मणि को वापस मुँह में रख लिया और सो गयी.
 मालिनी और मनीषा ये सब छुप  कर देख रही थी उन्हें लगा की अगर वह लड़की के मोह से मणि निकल ले तो फिर उन्हें किसी प्रकार की कमी न होगी ,और लालच में आ कर उन्होंने सोती इच्छाधरी नागिन का सर काट  दिया और अंदर हाथ डाल कर मणि ढूढ़ने पर  उन्हें कुछ न मिला ,पर उन्होंने महसूस किया की धीरे धीरे उनके शरीर नागिन  के रूप में बदलते जा रहे है ,वे बहुत घबरा गयी तभी इच्छाधारी नागिन का शरीर एक सूंदर राजकुमारी में बदल गया ,और राजकुमारी ने कहा ये तुम्हारे लालच का फल है तुमने नागिन के विश्वास को तोडा इसलिए अब तुम्हे उसके रूप में रहना होगा क्यूंकि मुझे एक नागिन ने ये शाप दिया जिसे मैंने तुम्हारे सामान ही लालच में आ कर  मार दिया, अब जबतक कोई दूसरा तुम्हे लालच के कारण मारेगा नहीं तब तक तुम्हे ऐसे ही रहना होगा।
दोनों सखियों ने बहुत माफ़ी मांगी और धीरे धीरे वो पूरी तरह से इच्छाधारी नागिन के रूप में परिवर्तित हो गयी। और अपने लालच के कारण सजा भुगतने लगी।

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