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बहुत समय पहले की बात है एक शहर में एक बड़ा ही बुद्धिमान व्यक्ति रहता था, जिसका नाम विहास था ,पर वह इतना अमीर ना था की जो चाहे खरीद ले , गाँव वाले अपने आपसी झगड़ो की सुनवाई के लिए उसी के पास जाते और वो उनका सटीक फैसला सुनाता ,एक बार विहास जन्म दिन के अवसर पर अपने पडोसी के यहाँ गया ,और उसने उनके घर बहुत ही खूबसूरत चादर देखि जिस पर तरह तरह की फूल काढ़े हुए थे हुए उसमे सिले हुए धागे बहुत ही चमकीले और मज़बूत थे धागो से बहुत ही प्यारी खुशबु आती थी ,पडोसी से चादर के बारे में पूछने पर पडोसी ने गर्व से बताया ,ये चादर मुझे एक परी ने दी है जो , जो परीलोक में रहती है , विहास समझ गया की इस चादर को पाना उसके लिए नामुमकिन है।
कुछ दिनों बाद वो पडोसी के यहाँ पंहुचा और बोला की मुझे कुछ समय के लिए वह चादर दे दो मेरा एक मित्र चादर बनता है वह इसको देखना चाहता है ,मैं तुम्हे शीग्र ही चादर वापस कर दूंगा ,पडोसी को चादर देने का मन तो नहीं था किन्तु विहास के बारे में उसे पता था की विहास बहुत ही अच्छा आदमी है इसलिए उसने मना नहीं किया और बिना मन चादर विहास को दे दी।
काफी दिन बीत गए पर विहास ने चादर वापस नहीं करि , तो पडोसी खुद ही चादर लेने विहास के घर पहुंच गया
उसे देखते ही विहास ने उसे ख़ुशी से गले लगा लिया और बोला आप बहुत ही अच्छे दिन आये, मैं बस आज आपके घर आने ही वाला था ,और अपने पडोसी के मुँह में मिठाई दाल दी ,पडोसी हैरान हो गया ,तो विहास बोला आप तो नाना बन गए ,आपको पता है आपकी चादर माँ बन गयी ,है तो आपकी बेटी जैसी ही ना अभी उसका बच्चा छोटा था तो मैं नहीं आया ,पर अब बच्चा बड़ा हो गया है ,और पडोसी की चादर के साथ उसी तरह का एक छोटा सा मेज़पोश भी पडोसी को दे दिया।
पडोसी बहुत परेशां हुआ ,पर विहास की बेफ़कूफी पर कुछ नहीं बोला और मेज़पोश और चादर दोनों ले के ख़ुशी ख़ुशी अपने घर चला गया।
कुछ दिनों के बाद विहास फिर पडोसी के घर गया और बोला , मित्र मुझे फिर तुम्हारी चादर की जरुरत है मेरे घर कुछ मेहमान आनेवाले है ,आशा है तुम मेरी सहायता करोगे ,पडोसी ने इस बार बिना कुछ सोचे प्यार से चादर विहास को दे दी , और विहास चादर को गले से लगाए घर आ गया ,फिर काफी दिन बीत गए पर विहास चादर वापस देने नहीं आया ,तो पडोसी ने सोचा फिर मुर्ख विहास उसे चादर के साथ कोई और कपड़ा देगा ,
पर जैसे ही वो विहास के घर पंहुचा ,विहास जोर जोर से रोने लगा और उसके गले लग कर बोला ,,भाई चादर मर गयी बचचे को जन्म देने के बाद, तुमने उसकी ठीक से देखभाल नहीं की बहुत कमज़ोर हो गयी थी ,बस अभी उसको दफना के आरहा हूँ तुम्हे खबर देने हां ही रहा था,पहले मैंने सोचा दफनाने के लिए तुम्हे बुला लू पर उसके शरीर से बदबू आने लगी थी सो मैंने उसे जल्दी ही दफना दिया।
पडोसी को बहुत गुस्सा आया ,और वो विहास को ले कर राजा के पास न्याय के लिए गया ,राजा ने विहास से पूछा की चादर कैसे मर सकती है तो विहास ने राजा को सारी बात बताई , और बोला राजन ये तो प्रकृति का नियम है जो जन्म लेता है उसकी मृत्यु निश्चित है।
राजा को बहुत हंसी आयी ,और वो सारी बात समझ गया और बोला , चादर के बच्चे के समय आ कर अगर तुम न्याय मांगते तो चादर तुम्हारी होती, पर अब मेरा फैसला ये है की तुम्हारे लिए चादर मर गयी ,औ र चादर बुद्धिमान विहास को दे दी गयी और पडोसी हाथ मलता रह गया
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