Tuesday, 7 July 2020

जादुई माला 

एक गाँव में रामु नाम  का एक बहुत ही शैतान आदमी रहा करता था ,वो किसी पर दया ना करता ,और जो चाहता लोगो से छीन लिया करता था ये देख कर गाँव के लोगो लो बहुत परेशानी होने लगी और वे उससे बचाव के लिए रस्ते ढूढ़ने लगे ,एक बार गरीब किसान हरीश अपनी कड़ी मेहनत से उगाई गयी फसल बेच कर मिले पैसो से अपनी पत्नी के लिए दवाइया और फल आदि ले कर आ रहा था , की रामु ने उसे पकड़ लिया और उससे पैसे आदि मांगने लगा ,हरीश लाख रोया चिल्लाया पर रामु ने सारी  दवाइया फेक दी और फल छीन कर ले गया ,बिना दवाई हरीश की पत्नी की मौत हो गयी ,अब हरीश का कोई नहीं था हरीश ने फैसला किया की वो रामु को सजा जरूर देगा ,और जंगल में जा कर कठोर तप करने लगा ,उसी जंगल से एक पारी जा रही थी जब उसने हरीश को तप करते देखा तो उसे हरीश  पर दया आयी
 और वो बोली :"बोलो बेटे तुम क्या चाहते हो "
तो हरिश ने उसे रामु के अत्याचार के बारे में सारी  बात बताई
जिसे सुन कर परी बोली ,बेटा मैं तुम्हारी और कोई तो सहायता नहीं कर सकती पर , तुम को ये माला देती हु ,ये जादुई माला है ,इसे पहनते ही तुम अद्रश्य हो जाओगे और तुम्हे कोई देख नहीं पायेगा ,रामु को सजा देने के लिए इसका क्या इस्तेमाल करोगे तुम सोचो। "
और चली गयी ,हरीश ने माला को पहना और सीधा रामु के घर चला गया ,रामु उस समय सो रहां था उसने एक बाल्टी पानी रामु पर डाल दिया रामु को कुछ समझ  नहीं आया की आखिर उसके ऊपर पानी कहा से आया  ,जब रामु नहाने गया तो हरीश ने उसके कपडे छुपा दिए ,किसी तरह कपडे ढूंढ  कर रामु बाहर आया वो बहुत डर गया था ,उसने देखा उसके कमरे का सब सामान एक के ऊपर एक रखा हुआ है ,रामु को लगा उसने इतने लोगो को सताया है जरूर किसी का भूत उन्हें तंग कर रहा है वो हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगने लगा ,उसी समय किसी ने उसे धक्का दे दिया और वो जोर से गिर पड़ा ,वह मदद के लिए चलने लगा पर नाराज़ गांववाले उसकी मदद को नहीं आये हरीश उसे ना खाने देता ना सोने अपनी जान बचा कर वो जंगल की ओर भागने लगा ,
तो हरीश उसे  उसी जगह ले आया जहा उसने उसकी दवाइया छीनी थी
 और बोला : जाओ रामु  की तुम हरीश की पत्नी को वापस ले आओ तो मैं तुम्हे छोड़ दूंगा ,"
रामु बोला :" पर वो तो मर गयी ,
हरीश ने कहा: तुम उसकी मौत का कारण हो अब हरीश अकेला है वो किस के सहारे जियेगा"
 तो रामु हाथ जोड़ कर बोला "" मुझे माफ़ कर दो ,मैं कड़ी मेहनत कर के सारी  उम्र हरीश का ध्यान रखूँगा। "
,हरीश ने कहा :तुम दूसरे गाँव वालो को भी सताते हो तुम्हे काम कौन देगा?'
 रामु ने वादा किया की वो अब किसी को दुःख नहीं पहुचायेगा ,
हरीश ने अदृश्य रूप में ही रामु से कहा:" जाओ और हरीश से मदद की भीख मांगो और माफ़ी मागो अगर उसने माफ़ कर दिया तो मैं  तुम्हे सताना बंद कर दूंगा ,."
रामु हरीश के घर पंहुचा वह हरीश पहले ही पहुंच गया  था और माला उतार के रामु का इंतज़ार कर रहा था ,
रामु ने कहा :हरीश मुझे माफ़ कर दो और अपने खेत में मुझे कान दे दो मैं सारी  उम्र तुम्हारी देख भल करूँगा" हरीश ने रामु को माफ़ कर दिया ,और रामु सारी  उम्र हरीश का सेवक बन कर जिंदगी बिताने लगा और इस प्रकार अपनी चतुराई और जादुई माला की मदद से हरीश ने रामु को सजा दी और सही रा ह पर ले आया  । 

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